पिच ( pitch) विकेटों के बीच की लम्बाई [11]
होती है और चौडी होती है| यह एक समतल सतह
है, इस पर बहुत ही कम घास होती है जो खेल के
साथ कम हो सकती है| पिच की "हालत" मैच
और टीम की रणनीति पर प्रभाव डालती है,
पिच की वर्तमान और प्रत्याशित स्थिति टीम
की रणनीति को निर्धारित करती है|
क्रिकेट पिच के आयाम
प्रत्येक विकेट ( wicket) में तीन लकड़ी के स्टंप
( stumps ) होते हैं जिन्हें एक सीधी रेखा में
रखा जाता है इनके ऊपर दो लकडी के बेल
( bails ) रखे जाते हैं; बेल्स सहित विकेट की कुल
ऊंचाई है और तीनों स्टाम्पों की कुल चौड़ाई
है .
चार लाइनें, जिन्हें क्रीज के रूप में
जाना जाता है, पिच पर विकेट के चारों और
पेंट की जाती हैं, ये बल्लेबाज के "सुरक्षित
क्षेत्र" और गेंदबाज की सीमा को निर्धारित
करती हैं| ये "पोप्पिंग" (या बल्लेबाजी) क्रीज
या बालिंग क्रीज या दो "रिटर्न" क्रीज
कहलाती हैं|
स्टंप को गेंदबाजी क्रीज की लाइन में
रखा जाता है और इन्हें एक दूसरे से
थोडी दूरी पर रखा जाता है| बीच वाली स्टंप
को बिल्कुल केन्द्र पर गेंदबाजी क्रीज
की लम्बाई में रखा जाता है पोप्पिंग क्रीज
की लम्बाई समान होती है, यह
गेंदबाजी की क्रीज के समांतर होती है और
विकेट के सामने होती है.रिटर्न क्रीज
बाकी दोनों के लम्बवत होती है; ये
दोनों पोप्पिंग क्रीज के अंत से जुड़ी होती हैं,
और इन्हें गेंदबाजी की क्रीज के अंत तक कम से
कम इसकी लम्बाई में चित्रित किया जाता है|
गेंदबाजी करते समय गेंदबाज का पिछला पैर
उसकी "डिलीवरी स्ट्राइड" में दो रिटर्न
क्रीजों के बीच में होना चाहिए,
जबकि उसका अगला पैर पोप्पिंग क्रीज के
ऊपर या उसके पीछे पढ़ना चाहिए| अगर गेंदबाज
इस नियम को तोड़ता है, तो अंपायर "
नो बाल" घोषित कर देता है|
बल्लेबाज के लिए पोप्पिंग क्रीज का महत्त्व
यह है कि यह उसके सुरक्षित क्षेत्र
की सीमा को निर्धारित करता है जब वह
"अपने इस क्षेत्र से बाहर" होता है
तो उसका विकेट उखाड़ दिए जाने पर वह स्टंप
या रन आउट हो सकता है (नीचे Dismissals
देखें)|
पिच की स्थिरता भिन्न हो सकती है जिसके
कारण गेंदबाज को मिलने वाला उछाल, स्पिन,
और गति अलग अलग हो सकती है| सख्त पिच पर
बल्लेबाजी करना आसान होता है,
क्यों की इस पर उछाल ऊँचा लेकिन समान
होता है| सूखी पिच बल्लेबाजी के लिए खराब
मानी जाती है क्यों की इस पर दरारें आ
जाती हैं, और जब ऐसा होता है तो स्पिनर एक
अहम भूमिका अदा कर सकता है| नम पिच
या घास से ढकी पिचें (जो "हरी" पिचें
कहलाती हैं) अच्छे तेज गेंदबाज को अतिरिक्त
उछाल देने में मदद करती है| इस तरह की पिच पूरे
मेच के दौरान तेज गेंदबाज की मदद करती है
लेकिन जैसे जैसे मेच आगे बढ़ता है ये बल्लेबाजी के
लिए और भी बेहतर होती जाती है|
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