अंपायर ,स्कोर , और पारिया

मैदान पर खेल को दो अंपायर ( umpires)
नियंत्रित करते हैं, उनमें से एक विकेट के पीछे
गेंदबाज की तरफ़ खड़ा रहता है, और
दूसरा "स्क्वेयर लेग" की स्थिति में
जो स्ट्राइकिंग बल्लेबाज से कुछ गज पीछे
होता है| जब गेंदबाज गेंद डालता है तो विकेट
वाला अम्पायर गेंदबाज और नॉन स्ट्राइकर के
बीच रहता है| यदि खेल की स्थिति पर कुछ संदेह
होता है तो अम्पायर परामर्श करता है और
यदि आवश्यक होता है
तो वो खिलाड़ियों को फ़ील्ड से बहार ले
जाकर मैच को स्थगित कर सकता है, जैसे बारिश
होने पर या रोशनी कम होने पर|
मैदान से बहार और टी वी पर प्रसारित होने
वाले मैचों में अक्सर एक तीसरा अंपायर ( third
umpire ) होता है जो विडियो साक्ष्य
की सहायता से विशेष स्थितियों में फ़ैसला ले
सकता है| टेस्ट मैचों और दो आईसीसी के पूर्ण
सदस्यों के बीच खेले जाने वाले सीमित
ओवरों के अंतरराष्ट्रीय खेल में तीसरा अंपायर
जरुरी होता है| इन मैचों में एक मैच रेफरी ( match
referee) भी होता है जिसका काम है यह
सुनिश्चित करना होता है की खेल क्रिकेट के
नियमों ( Laws of cricket ) के तहत खेल
की भावना से खेला जाये|
मैदान के बाहर दो अधिकारिक स्कोरर
( scorer ) रनों और आउट होने वाले
खिलाड़ियों का रिकॉर्ड रखते हैं, प्रत्येक
अधिकारी एक टीम से होता है| स्कोरर अंपायर
के हाथ के संकेतों द्वारा निर्देशित होते हैं|
उदाहरण के लिए, अंपायर एक
तर्जनी अंगुली उठा कर बताता है की बल्लेबाज
आउट हो गया है; और यदि बल्लेबाज ने छ: रन
बनाए हैं तो वो दोनों हाथों को ऊपर
उठाता है| स्कोरर क्रिकेट के नियमों के अनुसार
सभी रनों, विकेटों, और ओवरों का रिकॉर्ड
रखते हैं.व्यवहार में, वे अतिरिक्त डेटा भी संचित
करते हैं जैसे गेंदबाजी विश्लेषण और रन की दरें|

पारियां
पारी (हमेशा बहुवचन रूप में प्रयुक्त होती है)
बल्लेबाजी पक्ष के सामूहिक प्रदर्शन के लिए
एक शब्द है| [12] सिद्धांत के तौर में,
बल्लेबाजी पक्ष के सभी ग्यारह सदस्य
बारी बारी से बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन कई
कारणों से "पारी" इससे पहले भी ख़त्म
हो सकती है (नीचे देखें)|
खेले जा रहे मैच के प्रकार के अनुसार हर टीम
की एक या दो परियां होती हैं| "पारी" शब्द
का उपयोग कभी कभी एक बल्लेबाज के
व्यक्तिगत योगदान को बताने के लिए
भी किया जाता है| ("जैसे उसने एक
अच्छी पारी खेली" आदि)
गेंदबाज का मुख्य उद्देश्य
क्षेत्ररक्षकों की सहायता से बल्लेबाज
को आउट करना होता है| एक बल्लेबाज जब
बर्खास्त कर दिया जाता है तब कहा जाता है
की वह "आउट" हो गया है अर्थात उसे मैदान
छोड़ कर जाना होगा और उसकी टीम
का अगला बल्लेबाज अब बल्लेबाजी करने
आएगा| जब दस बल्लेबाज बर्खास्त (अर्थात
आउट) हो जाते हैं तो पूरी टीम बर्खास्त
हो जाती है और पारी समाप्त हो जाती है|
अंतिम बल्लेबाज, जो आउट नहीं हुआ है, वह अब
बल्लेबाजी नहीं कर
सकता क्योंकि हमेशा दो बल्लेबाजों को एक
साथ मैदान में रहना होता है| यह बल्लेबाज
"नॉट आउट" कहलाता है|
यदि दस बल्लेबाजों के आउट होने से पहले ही एक
पारी समाप्त हो जाए तो दो बल्लेबाज "नॉट
आउट" कहलाते हैं| एक पारी तीन कारणों से
जल्दी ख़त्म हो सकती है: यदि बल्लेबाजी पक्ष
का कप्तान घोषित कर दे की परी समाप्त
हो गई है (जो एक सामरिक निर्णय होता है),
या बल्लेबाजी पक्ष ने अपना लक्ष्य प्राप्त कर
लिया हो और खेल को जीत लिया हो, या खेल
ख़राब मौसम या समय ख़त्म हो जाने के कारण
समाप्त कर दिया जाये| सीमित ओवरों के
क्रिकेट में, जब अंतिम ओवर
किया जा रहा हो तब भी दो बल्लेबाज बचे
हो सकते हैं|
ओवर
ओवर या षटक ६ गेंदों का समुच्चय या समूह
होता है। यह शब्द इस तरह से आया है
क्योंकि अंपायर कहता है "ओवर" यानि पूरा।
जब ६ गेंदें डाली जा चुकी होती हैं, तब
दूसरा गेंदबाज दूसरे छोर पर आ जाता है और
क्षेत्ररक्षक भी अपना स्थान बदल लेते हैं। एक
गेंदबाज लगातार दो ओवर नहीं डाल सकता है,
हालांकि एक गेंदबाज छोर को बिना बदले
उसी छोर से कई ओवर डाल सकता है। बल्लेबाज
साइड या छोर को बदल नहीं सकते हैं, इसलिए
जो नॉन स्ट्राइकर था वह स्ट्राइकर बन
जाता है और स्ट्राइकर अब नॉन स्ट्राइकर बन
जाता है। अंपायर भी अपनी स्थिति को बदलते
हैं ताकि जो अंपायर स्क्वेयर लेग की स्थिति में
था वह विकेट के पीछे चला जाता है और इसका
विपरीत भी होता है।
टीम संरचना
एक टीम में ११ खिलाड़ी होते हैं। प्राथमिक
कुशलता के आधार पर एक
खिलाड़ी को बल्लेबाज या गेंदबाज के रूप में
वर्गीकृत किया जा सकता है। एक अच्छी तरह
से संतुलित टीम में आमतौर पर पाँच या छह
विशेषज्ञ बल्लेबाज और चार या पाँच
विशेषज्ञ गेंदबाज होते हैं। टीम में हमेशा एक
विशेषज्ञ विकेट रक्षक होता है क्योंकि यह
क्षेत्ररक्षण स्थिति बहुत ही महत्वपूर्ण
होती है। प्रत्येक टीम का नेतृत्व कप्तान
करता है जो सामरिक निर्णय लेने के लिए
जिम्मेदार होता है, जैसे बल्लेबाजी क्रम
का निर्धारण करना, क्षेत्ररक्षकों के स्थान
निर्धारित करना और गेंदबाजों की बारी तय
करना। एक खिलाड़ी जो बल्लेबाजी और
गेंदबाजी दोनों का विशेषज्ञ होता है
हरफनमौला कहलाता है। जो बल्लेबाज और
विकेट कीपर दोनों का काम करता है वह
"विकेट कीपर/बल्लेबाज" कहलाता है,
कभी कभी उसे हरफनमौला भी कहा जाता है,
वास्तव में हरफनमौला खिलाड़ी कम ही देखने
को मिलते हैं क्योंकि अधिकांश
खिलाड़ी बल्लेबाजी या गेंदबाजी में से
किसी एक पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं।

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