विकेट पतन और परिणाम

विकेट पतन

एक बल्लेबाज दस तरीके से आउट हो सकता है,
और कुछ तरीके इतने असामान्य हैं की खेल के पूरे
इतिहास में इसके बहुत कम उदाहरण मिलते
हैं.आउट होने के सबसे सामान्य प्रकार हैं
"बोल्ड", "केच", "एल बी डबल्यू", "रन आउट" ,
"स्टंपड", और "हिट विकेट".असामान्य तरीके हैं
"गेंद का दो बार हिट करना", "मैदान
को बाधित करना", "गेंद को हेंडल करना" और
"समय समाप्त".
इससे पहले कि अंपायर बल्लेबाज के आउट होने
की घोषणा करें सामान्यत: क्षेत्ररक्षण पक्ष
का कोई सदस्य (आमतौर पर गेंदबाज) "अपील"
करता है.यह "हाउज़ देट?" बोल कर
या चिल्ला कर किया जाता है.इसका मतलब है
"हाउ इस देट?" यदि अंपायर अपील से सहमत हैं,
तो वह तर्जनी अंगुली उठा कर कहता है
"आउट!"अन्यथा वह सिर हिला कर कहता है
"नॉट आउट".अपील उस समय तेज आवाज में
की जाती है जब आउट होने
की परिस्थिति स्पष्ट न हो. यह एल बी डबल्यू
की स्थिति में हमेशा होता है और अक्सर रन
आउट और स्टंप की स्थिति में होता है.
1. बोल्ड ( Bowled) ; यदि गेंदबाज गेंद से विकेट
पर हिट करता है जिससे की कम से कम एक
विकेट गिर जाए और बेल अपने स्थान से हट जाए
(ध्यान दें की यदि गेंद विकेट पर लगती है पर बेल
अपने स्थान से नहीं हटती है तो वो नॉट आउट
होता है) [13]
2. केच ( Caught ) ;यदि बल्लेबाज ने बल्ले से
या हाथ से गेंद को हिट किया और इसे क्षेत्र
रक्षण टीम के किसी सदस्य ने केच कर
लिया हो. [14]
3. लेग बिफोर विकेट ( Leg before wicket)(एल
बी डब्ल्यू) ; यह जटिल है लेकिन इसका मूल अर्थ
यह होता है कि यदि गेंद ने पहले बल्लेबाज
की टांग को न छुआ होता तो वो आउट
हो जाता [15]
4. रन आउट ( Run out ) – क्षेत्ररक्षण पक्ष के
एक सदस्य ने गेंद से विकेट को तोड़
दिया या गिरा दिया जब बल्लेबाज
अपनी क्रीज़ पर नहीं था; यह सामान्यत: तब
होता है जब बल्लेबाज रन लेने की कोशिश कर
रहा होता है और सटीक थ्रो के द्वारा गेंद से
विकेट तोड़ दिया जाता है. [16]
5. स्टंपड ( Stumped) – यह उसी के समान है है
लेकिन इसमें विकेट को विकेट कीपर तोड़ता है
जब बल्लेबाज गेंद को मिस कर के रन लेने के लिए
अपनी क्रीज़ से बाहर चला जाता है; कीपर
को गेंद को हाथ में लेकर विकेट
को तोड़ना होता है.(यदि कीपर गेंद को विकेट
पर फेंकता है तो यह रन आउट होता है) [17]
6. हिट विकेट ( Hit wicket) ; बल्लेबाज हिट
विकेट से आउट हो जाता है जब बल्लेबाज गेंद
को हिट करते समय या रन लेने की कोशिश करते
समय अपने बल्ले, कपड़े, या किसी अन्य उपकरण से
एक या दोनों बेलों को गिरा देता है. [18]
7. दो बार गेंद को मारना ( Hit the ball
twice ) –यह बहुत ही असामान्य है और यह खेल के
जोखिम को ध्यान में रखते हुए और
क्षेत्ररक्षकों की सुरक्षा के लिए शुरू
किया गया है.बल्लेबाज कानूनी रूप से एक बार
गेंद को खेल लेने के बाद सिर्फ इसे विकेट पर
टकराने से रोकने के लिए दुबारा हिट कर
सकता है. [19]
8. क्षेत्र बाधित ( Obstructed the field) ; एक
और असामान्य बर्खास्तगी जिसमें एक
बल्लेबाज जानबूझकर एक क्षेत्ररक्षक के रास्ते में
आ जाए. [20]
9. गेंद को पकड़ना ( Handled the ball ) ; एक
बल्लेबाज जानबूझकर अपने विकेट को सुरक्षित
करने के लिए हाथ का प्रयोग नहीं कर सकता है.
(ध्यान दें कि अक्सर गेंद बल्लेबाज के हाथ
को छूती है लेकिन यदि यह जान बूझ कर
नहीं किया गया है तो नॉट आउट होता है;
हालाँकि वह इसे अपने हाथ में पकड़ सकता है)
[21]
10. टाइम आउट ( Timed out ) ; यदि एक
बल्लेबाज के आउट हो जाने के दो मिनट के अन्दर
अगला बल्लेबाज मैदान पर न आए [22]
अधिकांश मामलों में स्ट्राइकर ही आउट
होता है.यदि गैर स्ट्राइकर आउट है तो वह रन
आउट होता है, लेकिन वह मैदान को बाधित कर
के, बॉल को पकड़ कर या समय समाप्त होने पर
भी आउट हो सकता है.
एक बल्लेबाज बिना आउट हुए भी मैदान
को छोड़ सकता है.अगर उसे चोट लग जाए
या वह घायल हो जाए तो वह अस्थायी रूप से
जा सकता है, उसे अगले बल्लेबाज के
द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया जाता है.इसे
रिटायर्ड हर्ट ( retired hurt ) या रिटायर्ड
बीमार ( retired ill) के रूप में दर्ज
किया जाता है.रिटायर्ड बल्लेबाज नॉट आउट
होता है, और बाद में फ़िर से आ सकता है.एक
अछूता बल्लेबाज, रिटायर हो सकता है उसे
रिटायर आउट ( retired out ) कहा जाता है;
जिसका श्रेय
किसी भी खिलाड़ी को नहीं जाता है.बल्लेब
ाज नो बॉल पर बोल्ड , केच , लेग बिफोर विकेट ,
स्टंप्ड या हिट विकेट आउट हो सकता है. वो
वाइड बॉलपर बोल्ड , केच , लेग बिफोर विकेट ,
या बॉल को दो बार हिट करने पर आउट
हो सकता है. इनमें से कुछ प्रकार के आउट गेंदबाज
के द्वारा बिना गेंद डाले ही हो सकते हैं. नॉन-
स्ट्राइकर बल्लेबाज भी रन आउट ( run out by
the bowler )हो सकता है यदि वह गेंदबाज के
द्वारा गेंद डालने से पहले क्रीज को छोड़ दे और
एक बल्लेबाज क्षेत्ररक्षण बाधित करने पर या
रिटायर आउट होने पर किसी भी समय आउट
हो सकता है.समय समाप्त , बिना डिलीवरी के
होने वाली बर्खास्तगी है.आउट होने के
किसी भी तरीके में, केवल एक ही बल्लेबाज एक
गेंद पर आउट हो सकता है.

पारी समाप्त
एक पारी समाप्त होती है जब:
1. ग्यारह में से १० बल्लेबाज आउट हो जाते हैं;
इस स्थिति में टीम "आल आउट" कहलाती है.
2. यदि टीम में केवल एक ही ऐसा बल्लेबाज
बचा है जो बल्लेबाजी कर सकता है, बाकि बचे
हुए एक या अधिक खिलाड़ी चोट,
बीमारी या अनुपस्थिति के कारण उपलब्ध
नहीं हैं तो भी टीम "ऑल आउट" कहलाती है.
3. बल्लेबाजी करने वाली टीम को अंत में उस
स्कोर तक पहुंचना होता है जो मैच को जीतने
के लिए जरुरी है.
4. ओवर की पूर्व निर्धारित संख्या में ही गेंदें
डाली जाती हैं, (एक दिवसीय मैच में
सामान्यत: ५० ओवर और ट्वेंटी 20 में
सामान्यत:२० ओवर)
एक कप्तान अपनी टीम की पारी को समाप्त
घोषित ( declares )कर सकता है जब उसके कम से
कम दो बल्लेबाज नॉट आउट हों, (यह एक
दिवसीय के मैच में लागु नहीं होता है.)

परिणाम
यदि बाद में खेलने वाली टीम दूसरे पक्ष से कम
रन बना कर आउट हो जाती है
तो कहा जाता है की टीम n रनों से हार गई है.
(जहां n दोनों टीमों के द्वारा बनाये गए
रनों की संख्या का अन्तर है.)यदि बाद में खेलने
वाली टीम जीतने के लिए पर्याप्त रन
बना लेती है तो कहा जाता है की वह
n विकेटों से जीत गई.जहां n बचे हुए
विकेटों की संख्या है.उदहारण के लिए
यदि कोई टीम केवल ६ विकेट खो कर
विरोधी टीम के स्कोर को पार कर लेती है
तो कहा जाता है की वह "चार विकेट से मैच
जीत गई है"
दो पारी के मैच में एक टीम का पहली और
दूसरी पारी का कुल स्कोर दुसरे पक्ष
की पहली परी के कुल स्कोर से भी कम
हो सकता है.तब कहा जाता है की टीम एक
पारी और n रनोंसे जीत गई है, और उसे फ़िर से
बल्लेबाजी करने की कोई जरुरत नहीं है: n
दोनों टीमों कुल स्कोर के बीच का अंतर है.
यदि अंत में बल्लेबाजी करने वाली टीम ऑल
आउट हो जाती है, और दोनों साइडों ने समान
रन बनाये हैं, तो मैच टाई ( tie )हो जाता है; यह
नतीजा काफी दुर्लभ होता है.खेल के परंपरागत
स्वरूप में, किसी भी पक्ष के जीतने से पहले
यदि समय ख़त्म हो जाता है तो खेल को ड्रा
( draw )घोषित कर दिया जाता है.
अगर मैच में हर पक्ष के लिए केवल एक पारी है
तो हर पारी के लिए की अधिकतम
गेंदों की संख्या अक्सर निश्चित कर
दी जाती है.इस तरह के मैच "सीमित ओवरों के
मैच" या "एक दिवसीय मैच" कहलाते हैं, और
विकेटों की संख्या को ध्यान में न रखते हुए
अधिक रन बनाने वाली टीम जीत जाती है.
जिससे ड्रा नहीं हो सकता है.यदि इस प्रकार
का मैच अस्थायी रूप से ख़राब मौसम के कारण
बाधित हो जाता है तो एक जटिल गणितीय
सूत्र जो डकवर्थ -लुईस पद्धति कहलाती है उसके
मध्यम से एक नया लक्ष्य स्कोर फ़िर से आकलित
किया जाता है.एक दिवसीय मैच
को भी "परिणाम रहित " घोषित
किया जा सकता है यदि किसी एक टीम के
द्वारा पूर्व निर्धारित ओवर डाले जा चुके हैं
और किसी परिस्थिती जैसे गीले मौसम के
कारण आगे खेल को नहीं खेला जा सकता है.

Share:
spacer

No comments:

Post a Comment