स्ट्राइकर बल्लेबाज की प्राथमिकता होती है
गेंद को विकेट पर टकराने से रोकना. और
दूसरी प्राथमिकता होती है बल्ले से गेंद
को हिट कर के रन ( runs) बनाना ताकि इससे
पहले कि क्षेत्ररक्षण पक्ष की ओर से गेंद वापस
आए, उसे और उसके सहयोगी को रन बनाने
का समय मिल जाए. एक रन रजिस्टर करने के
लिए, दोनों धावकों को अपने बल्ले से या शरीर
के किसी भाग से क्रीज के पीछे
की भूमि को छुना होता है.(बल्लेबाज दोड़ते
समय बल्ला लिए होते हैं)प्रत्येक रन स्कोर में जुड़
जाता है.
एक ही हिट पर एक से अधिक रन बनाये जा सकते
हैं, एक हिट में एक से तीन रन आम हैं, मैदान
का आकार इस प्रकार का होता है
की सामान्यत: चार या अधिक रन
बनाना कठिन होता है.इसकी क्षतिपूर्ति करने
के लिए, यदि गेंद मैदान की सीमा की भूमि
को छूती है तो इसे चार रन गिना जाता है. और
यदि गेंद सीमा को हवा में पार करके निकल
जाती है तो इसे छ: रन गिना जाता है.यदि गेंद
सीमा पार चली जाती है तो बल्लेबाज
को भागने की जरुरत नहीं होती है.
पाँच रन बहुत ही असामान्य हैं और आमतौर पर
यह क्षेत्र रक्षक के द्वारा वापस फेंकी गई गेंद,
"ओवर थ्रो" पर निर्भर करता है. यदि स्ट्राइकर
विषम संख्या में रन बनाता है
तो बल्लेबाजों का स्थान आपस में बदल
जाता है, और नॉन स्ट्राइकर अब स्ट्राइकर बन
जाता है.केवल स्ट्राइकर ही व्यक्तिगत रूप से रन
बनता है लेकिन सभी रन टीम के कुल स्कोर में
जोड़े जाते हैं.
रन लेने का फ़ैसला बल्लेबाज, जिसको गेंद
की दिशा और गति का ज्ञान होता है, उसके
द्वारा किया जाता है और इसको वह "हाँ",
"ना" या "रुको" कहके बताता है.
रन लेने में बहुत जोखिम होता है
क्योंकि यदि एक क्षेत्र रक्षक विकेट
को गिरा देता है, जब नजदीकी बल्लेबाज
अपनी क्रीज से बाहर होता है तो (यानि उसके
शरीर का कोई भाग या बल्ला पोप्पिंग
क्रीज के संपर्क में नहीं है ) बल्लेबाज रन आउट
( run out ) कहलाता है.
एक टीम के स्कोर को उसके द्वारा बनाये गए
रनों की संख्या और आउट हुए
बल्लेबाजो की संख्या से प्रदर्शित
किया जाता है.उदाहरण के लिए, यदि पाँच
बल्लेबाज आउट हो गए हैं और टीम ने २२४ रन
बनाये हैं तो कहा जाता है की उन्होंने ५ विकेट
की हानि पर २२४ रन बनाये हैं (इसे साधारणत:
२२४ पर ५ और २२४/५ के रूप में लिखा जाता है,
ऑस्ट्रेलिया में, ५ पर २२४ और ५/२२४).
अतिरिक्त
क्षेत्ररक्षण पक्ष की और से की गई त्रुटियों के
कारण बल्लेबाजी पक्ष को जो रन प्राप्त होते
हैं वे अतिरिक्त ( extras)कहलाते हैं.
(ऑस्ट्रेलिया में "सनड्रिज" कहलाते हैं).यह चार
प्रकार से प्राप्त किये जा सकते हैं:
1. नो बॉल एक ऐसी अतिरिक्त बॉल होती है
जो गेंदबाज के द्वारा किसी नियम
का उल्लंघन करने पर दंड के रूप में डाली जाती है;
(अ) अनुपयुक्त भुजा एक्शन के कारण; (ब)
पोप्पिंग क्रिज पर ओवर स्टेप्पिंग के कारण;
(स) यदि उसका पैर रिटर्न क्रिज के बाहर हो;
इस के लिए गेंदबाज को फ़िर से गेंद
डालनी होती है.वर्तमान नियमों के अनुसार
खेल के ट्वेंटी 20 ( Twenty20 ) और ओ डी आई
( ODI) प्रारूपों में फ़िर से डाली गई गेंद
फ्री हिट होती है, अर्थात इस गेंद पर बल्लेबाज
रन आउट के अलावा किसी और प्रकार से आउट
नहीं हो सकता है.
वाइड – दंड के रूप में दी गई एक अतिरिक्त गेंद
होती है जो तब दी जाती है जब गेंदबाज
ऐसी गेंद डालता है जो बल्लेबाज की पहुँच से
बाहर हो.
1. बाई बल्लेबाज को मिलने
वाला अतिरिक्त रन है जब बल्लेबाज गेंद
को मिस कर देता है और यह पीछे विकेट कीपर
के पास से होकर निकल जाती है जिससे
बल्लेबाज को परंपरागत तरीके से रन लेने
का समय मिल जाता है (ध्यान दें कि एक अच्छे
विकेट कीपर की निशानी है कि वह कम से कम
बाईज दे.
2. लेग बाई – अतिरिक्त दिया जाने
वाला रन, जब गेंद बल्लेबाज के शरीर को हिट
करती है लेकिन बल्ले को नहीं, और यह
क्षेत्ररक्षकों से दूर जाकर बल्लेबाज
को परंपरागत तरीके से रन लेने का समय
भी देती है.
जब कोई गेंदबाज एक वाइड या नो बॉल
डालता है, तो उसकी टीम को दंड
भुगतना पड़ता है क्योंकि उन्हें एक अतिरिक्त
गेंद डालनी पड़ती है जिससे बल्लेबाजी पक्ष
को अतिरिक्त रन बनने का मौका मिल
जाता है.बल्लेबाज को भाग कर रन
लेना ही होता है ताकि वह बाईज और लेग
बाईज का दावा कर सके. (सिवाय इसके जब गेंद
चार रन के लिए सीमा पार चली जाती है)
लेकिन ये रन केवल टीम के कुल स्कोर में जुड़ते हैं,
स्ट्राइकर के व्यक्तिगत स्कोर में नहीं.
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