बल्लेबाजी और गेदबाजी

गेंदबाजी

गेंदबाज अक्सर दौड़ कर गेंद डालने के लिए आते हैं,
हालाँकि कुछ गेंदबाज एक या दो कदम ही दौड़
कर आते हैं और गेंद डाल देते हैं| एक तेज गेंदबाज
को संवेग की जरुरत होती है जिसके कारण वह
तेजी से और दूरी से दौड़ कर आता है|
एक आदर्श गेंदबाजी एक्शन
तेज गेंदबाज बहुत तेजी से गेंद को डाल सकता है
और कभी कभी वह बल्लेबाज को आउट करने के
लिए बहुत ही तेज गति की गेंद डालता है जिससे
बल्लेबाज पर तीव्रता से प्रतिक्रिया करने
का दबाव बन जाता है| अन्य तेज गेंदबाज
गति के साथ साथ किस्मत पर भी भरोसा करते
हैं| कई तेज गेंदबाज गेंद को इस तरह से डालते हैं
कि वह हवा में "झूलती हुई" या "घूमती हुई"
आती है|
इस प्रकार की डिलीवरी बल्लेबाज
को धोखा दे सकती है जिसके कारण उसके शॉट
खेलने की टाइमिंग ग़लत हो जाती हैं, जिससे गेंद
बल्ले के बाहरी किनारे को छूती हुई
निकलती है और उसे विकेट कीपर या स्लिप
क्षेत्र रक्षक के द्वारा केच किया जा सकता है|
गेंदबाजों में एक अन्य प्रकार है "स्पिनर"
जो धीमी गति से स्पिन करती हुई गेंद
डालता है और बल्लेबाज को धोखा देने
की कोशिश करता है| एक स्पिनर अक्सर
“विकेट लेने के लिए” गेंद को थोड़ा ऊपर से
डालता है और बल्लेबाज को ग़लत शॉट खेलने के
लिए उकसाता है| बल्लेबाज को इस तरह
की गेंदों से बहुत अधिक सावधान रहना होता है
क्योंकि यह गेंद अक्सर बहुत ऊँची और घूर्णन
करती हुई आती है और वो उस तरह से व्यवाहर
नहीं करती है जैसा कि बल्लेबाज ने
सोचा होता है और वो आउट हो सकता है|
तेज़ गेंदबाज़ और स्पिनर के मध्य होते हैं
"मध्यमगति के गेंदबाज़" जो अपनी सटीक
गेंदबाजी से रनों की गति को कम करने पर
भरोसा करते हैं और बल्लेबाजों का ध्यान भंग
करते हैं|
सभी गेंदबाजों को उनकी गति और शैली के
अनुसार वर्गीकृत किया जाता है.
ज्यादा क्रिकेट शब्दावली के अनुसार
वर्गीकरण ( classifications) बहुत भ्रमित कर
सकते हैं. इस प्रकार से एक गेंदबाज को एल एफ में
वर्गीकृत किया जा सकता है जिसका अर्थ है
बाएं हाथ का तेज गेंदबाज या एल बी जी में
वर्गीकृत किया जा सकता है जिसका अर्थ है
दायें हाथ का स्पिन गेंदबाज जो "लेग ब्रेक"
या "गूगली" डाल सकता है|
गेंदबाजी के दौरान
कोहनी को किसी भी कोण पर
रखा जा सकता है या मोड़ा जा सकता है
लेकिन इस दौरान उसे
सीधा नहीं किया जा सकता है|
यदि कोहनी अवैध रूप से सीधी हो जाती है
तो स्क्वेर लेग अम्पायर इसे नो बॉल ( no-ball )
घोषित कर सकता है| वर्तमान नियमों के
अनुसार एक गेंदबाज अपनी भुजा को १५
डिग्री या उससे कम तक सीधा कर सकता है|

बल्लेबाजी

किसी भी एक समय पर, मैदान में दो बल्लेबाज
होते हैं.एक स्ट्राइकर छोर पर रह कर विकेट
की रक्षा करता है और संभव हो तो रन
बनाता है.उसका साथी, जो नॉन स्ट्राइकर
होता है वो उस छोर पर होता है जहाँ से
गेंदबाजी की जाती है.
बल्लेबाज बल्लेबाजी क्रम ( batting order) में
आते हैं, यह क्रम कप्तान के द्वारा निर्धारित
किया जाता है, पहले दो बल्लेबाज "ओपनर"
कहलाते हैं. उन्हें सामान्यत: सबसे खतरनाक
गेंदबाजी का सामना करना पड़ता है,
क्योंकि उस समय तेज गेंदबाज नई गेंद का उपयोग
करते हैं. शीर्ष बल्लेबाजी के लिए आम तौर पर
टीम में सबसे अधिक सक्षम बल्लेबाज
को भेजा जाता है, और गैर बल्लेबाजों को अंत
में भेजा जाता है. पहले से निर्धारित
किया गया बल्लेबाजी क्रम अनिवार्य नहीं है,
और जब भी एक विकेट गिर जाता है तो कोई
भी खिलाड़ी जिसने बल्लेबाजी नहीं की है
उसे भेजा जा सकता है.
अगर एक बल्लेबाज मैदान छोड़ के जाता है (आम
तौर पर चोट के कारण) और वापस नहीं लौट
पता है तो वह वास्तव में "नॉट आउट" होता है
और उसका बहार जाना आउट
नहीं माना जाता है, परन्तु उसे बर्खास्त कर
दिया जाता है क्योंकि उसकी पारी समाप्त
हो चुकी होती है. प्रतिस्थापित बल्लेबाज
को अनुमति नहीं होती है.
एक कुशल बल्लेबाज सुरक्षात्मक और आक्रामक
दोनों रूपों में कई प्रकार के "शॉट" या 'स्ट्रोक'
लगा सकता है.मुख्य काम है गेंद को बल्ले
की समतल सतह से हिट करना.यदि गेंद बल्ले के
किनारे को छूती है तो यह "बाहरी किनारा"
कहलाता है.बल्लेबाज हमेशा ही गेंद को जोर से
हिट करने की कोशिश नहीं करता है, एक
अच्छा खिलाड़ी एक हल्के चतुर स्ट्रोक से
या केवल अपनी कलाई को हल्के से घुमा कर रन
बना सकता है. लेकिन वह गेंद
को क्षेत्ररक्षकों से दूर हिट करता है ताकि उसे
रन बनाने का समय मिल सके.
क्रिकेट में कई प्रकार के शॉट खेले जाते
हैं.बल्लेबाज के द्वारा लगाये गए स्ट्रोक को गेंद
के स्विंग या उसकी दिशा के अनुसार कई नाम
दिए जा सकते हैं जैसे "कट ( cut )” "ड्राइव","हुक"
या "पुल".
ध्यान दें कि बल्लेबाज को हर शॉट
को नहीं खेलना होता है, यदि उसे लगता है
कि गेंद विकेट से नहीं टकराएगी तो वह गेंद
को विकेट कीपर तक जाने के लिए "छोड़"
सकता है.इसके साथ ही, वह जब अपने बल्ले से गेंद
को हिट करता है तो उसे रन लेने का प्रयास
नहीं करना होता है.वह जानबूझकर अपने पैर
का प्रयोग करके गेंद को रोक सकता है और उसे
अपनी टांग से दूर कर सकता है लेकिन यह एल
बी डबल्यू नियम के अनुसार जोखिम
भरा हो सकता है.
यदि एक घायल बल्लेबाज बल्लेबाजी करने के
लिए फिट हो जाता है लेकिन भाग
नहीं सकता हो तो अंपायर और क्षेत्ररक्षण
टीम का कप्तान बल्लेबाजी पक्ष के एक अन्य
सदस्य को दोड़ने ( runner)की अनुमति दे
सकता है.यदि संभव हो तो, इस धावक को अपने
साथ बल्ला रखना होता है.इस धावक का एक
मात्र काम होता है घायल बल्लेबाज के स्थान
पर दोड़ना.इस धावक को वो सभी उपकरण
पहनने और उठाने होते हैं जो एक बल्लेबाज ने पहने
हैं.दोनों बल्लेबाजों के लिए धावक रखना संभव
है.

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